भारत में ऑनलाइन कैसीनो की कानूनी स्थिति अब पाँच साल पहले जितनी अस्पष्ट नहीं है। केंद्र स्तर पर रोक है, कई राज्यों में अलग से प्रतिबंध है, जीत पर भारी टैक्स है, और कार्रवाई मुख्यतः ऑपरेटरों और भुगतान चैनलों पर होती है, आम खिलाड़ियों पर नहीं। जो कोई कहे कि यह "पूरी तरह कानूनी" है, वह कुछ बेच रहा है।
कानून की तीन परतें
| परत | क्या शामिल | क्यों मायने रखती है |
|---|---|---|
| संविधान | सट्टेबाज़ी और जुआ राज्य सूची का विषय | इसीलिए हर राज्य का कानून अलग है |
| केंद्रीय कानून | Public Gambling Act 1867 और Online Gaming Act | ऑनलाइन के लिए 2025 का Act निर्णायक है, 1 मई 2026 से लागू |
| राज्य कानून | राज्यों के अपने गेमिंग कानून | तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश में अलग से रोक |
Act क्या करता है
यह ऑनलाइन गेम्स को तीन श्रेणियों में बाँटता है — ई-स्पोर्ट्स, ऑनलाइन सोशल गेम्स, और ऑनलाइन मनी गेम्स — और तीसरी श्रेणी पर रोक लगाता है: वे गेम जिनमें पैसे लगाकर मौद्रिक लाभ की उम्मीद की जाती है, चाहे वे कौशल के हों या संयोग के। साथ ही उनका विज्ञापन और उनके लिए भुगतान सुविधा देना भी प्रतिबंधित है।
सबसे अहम बात: यह पुराने "कौशल बनाम संयोग" वाले फ़र्क पर नहीं टिकता। इसीलिए फ़ैंटेसी और स्किल गेमिंग उद्योग भी उतना ही प्रभावित हुआ जितना कैसीनो।
राज्यों की स्थिति
- गोवा, दमन, सिक्किम — लाइसेंस वाले भौतिक कैसीनो। सिक्किम और नागालैंड की अपनी सीमित ऑनलाइन लाइसेंस व्यवस्था रही है।
- तमिलनाडु — 2022 का कानून, ऑनलाइन जुए पर सख़्त रोक, कई बार अदालत में परखा गया।
- तेलंगाना और आंध्र प्रदेश — दाँव पर खेले जाने वाले ऑनलाइन गेम्स पर स्पष्ट रोक।
- कर्नाटक — संशोधन का बड़ा हिस्सा 2022 में उच्च न्यायालय ने रद्द किया।
- गुजरात — निषेध राज्य, सख़्त प्रवर्तन।
टैक्स — यह हर हाल में लागू है
धारा 115BBJ के तहत ऑनलाइन गेम्स की नेट जीत पर 30% कर, और धारा 194BA के तहत स्रोत पर कटौती — कोई न्यूनतम सीमा नहीं, खर्च की कोई छूट नहीं। ऑफ़शोर ऑपरेटर आमतौर पर भारतीय TDS नहीं काटता, पर इससे आपकी घोषित करने की ज़िम्मेदारी खत्म नहीं होती।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या 2026 में भारत में ऑनलाइन जुआ कानूनी है?
ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर Promotion and Regulation of Online Gaming Act के तहत रोक है, जो 1 मई 2026 से लागू है, और कई राज्यों में अलग से प्रतिबंध है। कार्रवाई मुख्यतः ऑपरेटरों, विज्ञापन और भुगतान चैनलों पर केंद्रित रही है। यह कानूनी सलाह नहीं है।
क्या खिलाड़ियों पर मुक़दमा हो सकता है?
Act के तहत प्रवर्तन मुख्यतः ऑपरेटरों, विज्ञापनदाताओं और भुगतान सुविधा देने वालों पर हुआ है। कुछ राज्य कानून खिलाड़ियों तक भी पहुँचते हैं। अपने राज्य के लिए सलाह लें।
जीत पर टैक्स कितना है?
नेट जीत पर 30% (धारा 115BBJ), स्रोत पर कटौती धारा 194BA के तहत, बिना किसी न्यूनतम सीमा के, और ऊपर से सरचार्ज तथा सेस।